1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. केरल के वायनाड में मीनाक्षी पुल के पास भूस्खलन, 3 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

केरल के वायनाड में मीनाक्षी पुल के पास भूस्खलन, 3 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

 Reported By: T Raghavan Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Jul 07, 2026 01:11 pm IST,  Updated : Jul 07, 2026 01:52 pm IST

केरल के वायनाड में मीनाक्षी पुल के पास भूस्खलन हुआ है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

Landslide- India TV Hindi
वायनाड में मीनाक्षी पुल के पास भूस्खलन Image Source : REPORTER INPUT

वायनाड: केरल के वायनाड में भूस्खलन की खबर सामने आई है। इसमें 3 लोगों की मौत हुई है। कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक 6 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 

क्या है पूरा मामला?

भारी बारिश के कारण वायनाड के मेप्पाडी में भूस्खलन हुआ है। यह भूस्खलन वायनाड टनल निर्माण क्षेत्र में हुआ और मीनाक्षी पुल के पास हुआ। पुल के पास की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहकर सड़क और पास की नदी में आ गिरा है। ये हादसा उस समय हुआ जब मजदूर टनल निर्माण के काम में लगे हुए थे।

घटना 10 बजे के करीब हुई है। दरअसल कललाडी इलाके में मीनाक्षी पुल के पास टनल निर्माण का काम चल रहा था, टनल की खुदाई के चलते मिट्टी का एक बड़ा टीला वहां बन गया था। तेज बारिश की वजह से ये टीला और आस पास की पहाड़ी का हिस्सा दरक गया।

नीचे की ओर प्रवासी मजदूरों के रहने के लिए टेम्प्रेरी कैम्प बनाया गया था, 2 बसों में स्थानीय मजदूरों को भी वहां काम के लिये लाया गया था। ये दोनों बसें और टेम्प्रेरी कैम्प पूरी तरह लैंडस्लाइड की जद में आ गया है। हालांकि ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुबह का वक्त होने के चलते ज्यादातर लोग सुरक्षित जगह भाग गए।

भूस्खलन क्या होता है?

भूस्खलन एक प्राकृतिक आपदा है, जिसमें पहाड़ी ढलान से चट्टानें, मिट्टी, मलबा या गाद नीचे की तरफ खिसक जाते हैं। भूस्खलन के कई कारण हैं, जिसमें भारी बारिश या बर्फ पिघलना, भूकंप, ज्वालामुखी गतिविधि, नदी या समुद्र द्वारा कटाव और प्राकृतिक अपक्षय शामिल है।

भूस्खलन के कारण मानवीय भी हो सकते हैं। जिसमें मुख्य रूप से वन कटाई, खनन, सड़क/बांध निर्माण और अनियोजित शहरीकरण शामिल है। 

भूस्खलन के कई प्रकार हैं, जिसमें रॉक फॉल, स्लाइड, फ्लो और टॉपल शामिल है।

भूस्खलन से बचाव के लिए क्या कर सकते हैं?

भूस्खलन से बचाव संभव है, जिसमें ढलानों पर पेड़ लगाए जा सकते हैं। रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज सिस्टम, नेटिंग की जा सकती है। भूस्खलन जोखिम मानचित्रण (GSI द्वारा) किया जा सकता है और समय पर चेतावनी दी जा सकती है। ढलानों पर निर्माण प्रतिबंध किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें-

जम्मू-कश्मीर के डोडा में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, 10 घर और 25 दुकानें मलबे में दबीं

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत